"एह गिरि ऊपर आदिदेव, प्रभु प्रतिमा वंदो; रायण हेठे पादुका, पूजीने आनंदो"।
पालिताना का ५ चैत्यवंदन केवल शब्दों का उच्चारण नहीं है, बल्कि यह आत्मा का परमात्मा से मिलन का मार्ग है। जब एक भक्त पूरी श्रद्धा, लीनता और सही विधि के साथ इन पांचों चैत्यवंदन को संपूर्ण करता है, तो उसके अनंत भवों के पाप कट जाते हैं। यदि आप पालिताना की यात्रा पर जा रहे हैं या घर पर ही भाव-यात्रा कर रहे हैं, तो इस पूर्ण पाठ का लाभ अवश्य उठाएं। palitana 5 chaityavandan in hindi full
शत्रुंजय के चढ़ाव के मार्ग में श्री शांतिनाथ भगवान के मंदिर में यह दूसरा वंदन होता है। "एह गिरि ऊपर आदिदेव